Iran US Talks: ईरान ने पाकिस्तान को मध्यस्थ की भूमिका में मानने से इनकार करते हुए अमेरिका के साथ शांति वार्ता खारिज कर दी है। यह पाकिस्तान के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। एक रिपोर्ट के हवाला कहा गया है कि ईरान के इस फैसले से पाकिस्तान की मध्यस्थता की कोशिश धूमिल हो गई है। अमेरिका और ईरान युद्धविराम पर विरोधाभासी संकेत दे रहे हैं। यह दावा अमेरिकी न्यूज एजेंसी 'द मीडिया लाइन'के हवाले किया गया है।
पाकिस्तान ने ईरान तक पहुंचाया था अमेरिकी प्रस्तावा
रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान ने बुधवार को अमेरिका के 15-सूत्री युद्धविराम प्रस्ताव को ठुकरा दिया। अपनी स्थिति को और सख्त करते हुए ईरान ने व्यापक मांगों वाला प्रतिप्रस्ताव जारी किया है। इस कदम से हालिया कूटनीतिक गति रुक गई है और पाकिस्तान में बातचीत की मेजबानी की संभावनाएं काफी कम हो गई हैं। ईरान का यह खारिजनामा उस दिन आया जब इस्लामाबाद को वार्ता का संभावित स्थल बनाने की उम्मीद बढ़ रही थी। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने दोनों पक्षों की सहमति पर “अर्थपूर्ण और निर्णायक” बातचीत की मेजबानी का प्रस्ताव दिया था। पाकिस्तानी अधिकारियों ने पहले ही अमेरिकी प्रस्ताव तेहरान तक पहुंचा दिया था, जिसमें प्रतिबंधों में छूट, ईरान के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम पर अंकुश, होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना और प्रॉक्सी समूहों को समर्थन पर रोक शामिल थी।